प्राइवेट अस्पतालों में उथल-पुथल
- सरकारी-निजी अस्पतालों में 490 से बढ़ाकर 860 की गई पलंगों की क्षमता
- हालात और बिगड़े तो सभी को करना पड़ सकता है कोविड मरीजों का इलाज
ताजनगरी में तेजी से बढ़ते कोरोना मामलों के बीच सरकार, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पहले अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटे हैं, लेकिन इसके बाद निजी अस्पतालों का भी नंबर आ सकता है। वे चाहें या न चाहें, आवेदन करें या न करें, उन्हें अपने यहां कोविड मरीजों का इलाज करना पड़ सकता है। इसे लेकर अस्पतालों में उथल-पुथल शुरू हो गई है। प्राइवेट हॉस्पिटल भी अपनी ओर अभी जितनी व्यवस्थाएं हो सकती हैं, करने में जुट गए हैं।
आगरा में कोरोना के मरीज बढ़ने पर सरकारी और निजी अस्पताल में पलंग बढ़ा दिए गए हैं। तीन प्राइवेट हॉस्पिटलों को भी कोविड हॉस्पिटल बनाया गया है। इसके साथ ही आगरा में मरीजों को भर्ती करने की क्षमता 860 हो गई है। एक्टिव केस 976 हैं। इनमें से अधिकांश होम आइसोलेशन में हैं। मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का जोर फिलहाल अस्पतालों में बेड बढ़ाने, नए कोविड हॉस्पिटल बनाने, ऑक्सीजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने, आईसीयू और वेंटीलेटर की संख्या बढ़ाने पर है। इसके लिए प्राइवेट हॉस्पिटलों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। फिलहाल एसएन मेडिकल कॉलेज का 120 बेड का वार्ड भर गया है। आईसीयू में गंभीर मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह नहीं बची है। इसके बाद 100 बेड का कोविड वार्ड बाल रोग विभाग में शुरू किया जा रहा है। जिला अस्पताल में 18 बेड हैं, इन्हें भी बढ़ाकर 78 किया जा रहा है।
प्राइवेट हॉस्पिटल कर रहे ट्रायज नियमों का पालन
कोरोना के बिगड़ते हालातों के बीच प्राइवेट अस्पतालों ने अपने यहां व्यवस्थाएं चौकस करना शुरू कर दिया है। उनके ऊपर नॉन कोविड मरीजों की सुरक्षा का भी जिम्मा है। ऐसे में ट्रायज के नियमों का पालन कराया जा रहा है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को ट्रायज में लेकर जांच कराई जा रही है। पॉजिटिव आने पर रेड जोन और निगेटिव आने पर ग्रीन जोन में शिफ्ट किया जा रहा है। पॉजिटिव मरीजों की सूचना स्वास्थ्य विभाग को देकर उन्हें कोविड अस्पतालों में शिफ्ट किया जा रहा है।
एक व्यक्ति से ज्यादा को प्रवेश नहीं
निजी अस्पतालों का हाल ये है कि ओपीडी के लिए आने वाले मरीजों को केवल एक व्यक्ति के साथ ही प्रवेश दिया जा रहा है। साथ आने वाले अतिरिक्त व्यक्तियों को गेट से बाहर रखा जा रहा है।
टेलीमेडिसिन फिर शुरू
इसके अलावा टेलीमेडिसिन की सुविधा दोबारा शुरू की गई है। कोरोना के मामले कम होने पर कई अस्पतालों में यह सुविधा कम या बंद हो गई थी, लेकिन अब इसे एक बार फिर शुरू कराया गया है।
ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट
ओपीडी में दिखाने आने से पहले मरीजों और तीमारदारों को फोन पर अप्वाइंटमेंट लेने के लिए कहा जा रहा है। इसके अलावा फोन और वेबसाइट पर ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट लेने के बाद देखा जा रहा है।
मास्क, थर्मल स्कैनिंग जरूरी
निजी अस्पतालों में मास्क के बिना किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, क्योंकि मरीज और उनके साथ आने वाले कई बार ध्यान नहीं रख पाते। ऐसे में उनके पास मास्क न होने पर अस्पताल से ही यह उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्य द्वार पर सभी की थर्मल स्कैनिंग हो रही है। फीवर होने पर वापस लौटाया जा रहा है।
कोरोना मरीजों के लिए सरकारी और प्राइवेट में बेड
- एसएन में 220 बेड को बढ़ाकर 320 किया जा रहा है।
- जिला अस्पताल में 18 बेड को बढ़ाकर 78 किया जा रहा है।
- एफएच मेडिकल कालेज में 100 बेड को बढ़ाकर 150 किया जा रहा है।
- रामरघु हॉस्पिटल में 140 बेड हैं।
- प्रभा हॉस्पिटल में 60 बेड हैं।
- रवि हॉस्पिटल में 45 बेड हैं।
- नयति हॉस्पिटल में 60 बेड हैं।
- ब्लॉसम हॉस्पिटल में 45 बेड हैं।
- पारस हॉस्पिटल में 35 बेड हैं।










