तनाव में कपड़ा कारोबारी दो दिन में 50 फीसद गिरी बिक्री
- सहालग में मुनाफे की उम्मीद लगाए बैठे कारोबारी नाउम्मीदी से घिरे
- नाइट कर्फ्यू ने रोके ग्राहकों के कदम, दो दिन में बाजार हुआ धड़ाम
ताजनगरी में नाइट कर्फ्यू लगे अभी दो दिन हुए हैं कि स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। होटल एंड रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर तो असर पड़ा ही है, लेकिन कपड़ा कारोबारियों के चेहरों पर भी चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही हैं। दो दिन में 50 फीसद तक बिक्री गिर गई है। कारोबारियों ने बताया कि आॅर्डर कैंसिल होने लगे हैं और जबर्दस्त घाटे की आशंका है।
नवरात्र और सहालग का समय कपड़ा कारोबार के लिए भी शुभ माना जाता है। 21 अप्रैल से शादियों का सीजन शुरू हो रहा है और इन तीन महीनों में कपड़ा कारोबारी मुनाफे की उम्मीद बांधे बैठे थे जो अब नाउम्मीदी में बदल गई है। नाइट कर्फ्यू लगने के बाद बाजार से ग्राहक गायब हो गए हैं। पहले जो ऑर्डर हुए थे वो कैंसिल किए जा रहे हैं। शादियों के जिस बड़े सीजन के लिए स्टॉक किया था, उसके चौपट होने की आशंका है। नागाजी शोरूम के रामनिवास कहते हैं कि पिछले एक साल से व्यापार पूरी तरह से नुकसान में चल रहा है। व्यापारियों को इन गर्मियों में शादियों के सीजन का बेसब्री से इंतजार था लेकिन कोरोना महामारी के बढ़ते प्रसार और सरकार द्वारा नाइट कर्फ्यू आदि सख्ती बरतने के कारण ये कपड़ा बाजार इस समय बुरी स्थिति से गुजर रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि पिछले साल का समर सीजन भी कोरोना महामारी के कारण पिट गया था। दीवाली पर हालात सुधरे। कोरोना के केस कम होने लगे तो इस साल गर्मियों में पड़ने वाले शादियों के सबसे बड़े सीजन से व्यापार को गति मिलने की उम्मीद थी लेकिन कोरोना महामारी के कारण सरकार की सख्ती ने इस गति पर ब्रेक लगा दिया है। संजय प्लेस स्थित टाइनी टिनी के सचिन गुप्ता ने बताया कि कारोबार अच्छा चल रहा था, लेकिन अब एक बार फिर मुश्किल में है। गर्मियों के सीजन में ग्राहक शाम को निकलते हैं। दुकानदारी इसी वक्त सबसे अधिक होती है, लेकिन नाइट कर्फ्यू ने ग्राहकों के कदम रोक दिए हैं।










