बेटे ने रिटायर्ड दरोगा पिता को मार डाला
- एत्मादुद्दौला में सुबह-सुबह वारदात से सनसनी
- नशे का आदी है युवक, परिवार भूतप्रेत का चक्कर भी बता रहा
- मां को कमरे में बंद करने के बाद पिता की बेरहमी से हत्या की
एत्मादुद्दौला के बजरंग नगर में सुबह-सुबह सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया। एक रिटायर्ड दरोगा की ईंट से प्रहार कर हत्या कर दी गई। आरोप मृतक के ही बेटे पर है। बेटा नशे का आदी है। परिजन उस पर ऊपरी साया भी बता रहे हैं। आरोपी फरार हो गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आरोपी की तलाश में दबिशें देना शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार चोखेलाल (64वर्ष) पुत्र द्वारिका प्रसाद मूल रूप से मिर्जापुर रहने वाले हैं। पिछले 35 साल से बजरंग नगर में उनका परिवार रहता आ रहा है। रिटायरमेंट के बाद चोखेलाल भी परिवार के साथ ही रह रहे थे। वह चार वर्ष पूर्व वे फिरोजाबाद के थाना नगला सिंघी से रिटायर हुए थे। पत्नी मैत्री देवी ने बताया कि उनके तीन बेटे संजय, अजय और देवेश हैं। संजय और अजय अपने परिवार के साथ अलग रहते हैं। संजय ऑटो चलाता है और अजय प्राइवेट नौकरी करता है। देवेश उनके साथ ही रहता है। देवेश नशे का आदी था। चोखेलाल उसकी हरकतों का विरोध करते थे। आएदिन दोनों के बीच विवाद होता था। पुत्र संजय ने बताया कि देवेश नशे की हालत हर रोज रात में गाली गलौच के साथ मां-बाप से विवाद करता था।
परिजनों को ऐसा लगता था मानो उस पर कोई भूत प्रेत का साया हो। बीती रात भी वह नशे की हालत में घर लौटा और पिता से विवाद करने के बाद सो गया। रात को किसी समय उठा और उसने मां को कमरे में बंद कर दिया। पिता की ईंट से कई प्रहार कर हत्या कर दी। हत्या को अंजाम देने के बाद वह घर से फरार हो गया। मां के शोर मचाने पर अलसुबह दोनों बेटों को घटना की जानकारी हुई तो परिवार में कोहराम मच गया। सभी लोग दहाड़ें मार-मारकर रोने लगे।
पुलिस को सूचना दी गई तो थाना पुलिस के साथ अधिकारियों में भी खलबली मच गई। पुलिस के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारी और फिंगर प्रिंट यूनिट तथा श्वान दल भी जांच को पहुंच गया। पुलिस ने साक्ष्यों को संकलित किया। परिजनों ने देवेश पर हत्या करने का आरोप लगाया है। इंसपेक्टर एत्मादुद्दौला संजय कुमार त्यागी ने बताया कि आरोपी की तलाश की जा रही है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
पिता ने खूब किया संघर्ष
पिता चोखेलाल ने जान बचाने का काफी प्रयास किया लेकिन कलियुगी बेटे के सिर पर खून सवार हो गया था। उसे ईंट से पिता के सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार किए। पिता ने चीखों पर भी उसने जरा सा भी रहम नहीं किया। मां बेटा छोड़ दे, कहती रही लेकिन बेटे ने पिता को मौत के घाट उतार दिया।










