ईरान के खिलाफ नरम बाइडेन
जो बाइडन अमेरिकी राष्ट्रपति बनने से पहले से ही ईरान को लेकर अपने नरम रूख दिखाते रहे हैं। अब उन्होंने अमेरिकी सेना को आदेश दिया है कि वे ईरान के नजदीक फारस की खाड़ी में तैनात पैट्रियॉट एंटी मिसाइल सिस्टम को हटाना शुरू कर दें। इतना ही नहीं उन्होंने इस इलाके में मौजूद सैन्य ताकत को भी कम करने का आदेश दिया है। जिसके अंतर्गत ईरान के खिलाफ तैनात अमेरिकी सेना को कहीं और ट्रांसफर किया जाएगा।
द वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, इस आदेश के बाद पेंटागन ने तीन पैट्रियट सिस्टम को इलाके से बाहर भेज दिया है। इसमें से एक को सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर तैनात किया गया था। इसके अलावा खाड़ी देशों में तैनात एक एयरक्राफ्ट कैरियर, सर्विलांस सिस्टम और बड़ी संख्या में सैनिकों को हथियारों के साथ दूसरी जगहों पर भेजा गया है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि यहां से हटाए गए मिसाइलों, हथियारों और सैनिकों को चीन और रूस के खिलाफ मोचार्बंदी को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इन दो देशों को पेंटागन अपने प्राथमिक वैश्विक प्रतियोगियों के रूप में देखता है। दोनों ही देश इस समय साथ मिलकर अमेरिका के खिलाफ गुटबंदी भी कर रहे हैं। इसी को लेकर हाल में ही रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पेइचिंग की यात्रा भी की थी।
फारस की खाड़ी से सेना हटा रहे, रूस और चीन की ओर लगेगा ध्यान
अब अमेरिकी सैन्य अधिकारी टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस एंटी मिसाइल सिस्टम, सर्विलांस ड्रोन और दूसरे सैन्य हथियारों को इस इलाके से हटाने पर विचार कर रहे हैं। अमेरिका का कहना है कि अब सऊदी अरब अपनी रक्षा की जिम्मेदारियों को खुद ज्यादा निभाए। पेंटागन ने इसके लिए एक टाइगर टीम का भी गठन किया है जो सऊदी अरब को उसके सुविधाओं और तेल प्रतिष्ठानों की रक्षा करने में मदद करेगा।










