प्रवासीजनों को घर पहुंचाने के इंतजामों में जुटा रोडवेज
- रेलवे प्रबंधन से सामंजस्य बिठाकर श्रमिकों को सेवाएं देने के निर्देश
- कई जिलों के साथ ही आगरा में 100 बसों की अतिरिक्त व्यवस्था
तेजी से बढ़ते कोरोना मामलों, नाइट कर्फ्यू और लॉकडाउन की आहट के बीच रोडवेज प्रबंधन को प्रवासीजनों की सेवा में तैनाती के लिए सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने को कहा गया है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक ने पत्र जारी कर कहा है कि प्रवासीजनों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए रोडवेज क्षेत्रीय प्रबंधक अपने स्तर से सभी इंतजाम पूरे रखें।
पत्र में प्रबंध निदेशक ने प्रसासियों के सुरक्षित संचरण के लिए आगरा समेत कई जिलों को अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करने को कहा है। यह निर्देश दिए गए हैं कि क्षेत्र के अधिकारियों को पंचायत चुनावों को दृष्टिगत रखते हुए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी हैं। महाराष्टÑ और गुजरात समेत कई राज्यों से श्रमिकों और प्रवासियों की वापसी संभावित है। ऐसे में क्षेत्रीय अधिकारियों को रेलवे स्टेशनों पर आने वाली गाड़ियों की सूचना प्राप्त करने के साथ ही प्रवासियों की संख्या का आंकलन कर बसों की व्यवस्था रखने को कहा गया है।
आगरा और मथुरा में भी रेलवे स्टेशनों से ही प्रवासियों को घर तक पहुंचाने के प्रबंध रखने और 100-100 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा इन बसों के लिए क्रू और स्टॉफ की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी। इन निर्देशों के प्राप्त होते ही आगरा में रोडवेज प्रबंधन बसों की अतिरिक्त व्यवस्था, रेलवे अधिकारियों से बातचीत कर तैयारियों में जुट गया है।

सीटों की क्षमता अनुसार यात्रियों को बिठाने का नियम हुआ लागू
इसके साथ ही कोविड के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए बसों में सीटों की क्षमता के हिसाब से यात्रियों को बिठाने की व्यवस्था भी तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। किसी भी श्रेणी में रोडवेज बसों में अब सीटों की संख्या से अधिक यात्रियों को बिठाने पर चालकों और परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बसों में भीड़ न रहे इसलिए यह व्यवस्था लागू की गई है। इससे कोविड 19 से लड़ने में मदद मिलेगी।
संक्रमण से सुरक्षा को ये करने होंगे इंतजाम
- बसों, बस स्टेशनों, कार्यालयों पर नियमित सेनेटाइजेशन।
- बस व स्टेशन परिसर में मास्क की अनिवार्यता।
- क्षेत्रीय हेल्प डेस्क को 24 घंटे संचालित किया जाएगा।
- निगम का एक मोबाइल नंबर आवंटित कर हर समय रेलवे स्टेशन पर योग्य कर्मियों की ड्यूटी रहेगी, जो ट्रेनों के आगमन का विवरण रखेंगे और हेल्प डेस्क व मुख्यालय से सामंजस्य बनाएंगे।
- सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक भी आठ-आठ घंटे की नोडल ड्यूटी करेंगे।










